FSSAI Notice To Energy Drinks: देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहे एनर्जी ड्रिंक्स अब नियामक एजेंसियों की निगरानी के दायरे में आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स को नोटिस जारी कर उनके प्रचार, ब्रांडिंग और उत्पादों से जुड़े दावों पर सवाल उठाए हैं। इस कार्रवाई के बाद पेय पदार्थ उद्योग में हलचल मच गई है। FSSAI की बड़ी कार्रवाई जिन कंपनियों के उत्पाद जांच के घेरे में आए हैं, उनमें रेड बुल, स्टिंग, मॉन्स्टर, हेल एनर्जी, एड्रेनालिन रश और कैंपा एनर्जी गोल्ड बूस्ट जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। FSSAI का आरोप है कि इन उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जबकि वर्तमान खाद्य नियमों में ऐसी कोई अलग श्रेणी स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं की गई है। लेबलिंग पर सवाल नियामक संस्था का कहना है कि खाद्य उत्पादों की श्रेणी तय करने की व्यवस्था केवल वर्गीकरण के लिए बनाई गई है। इसका उपयोग किसी उत्पाद को विशेष पहचान देने या ऐसे नाम से बाजार में पेश करने के लिए नहीं किया जा सकता, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो। इसी वजह से इन कंपनियों की ब्रांडिंग और लेबलिंग की जांच शुरू की गई है। विज्ञापनों पर रेगुलेटर की नजर FSSAI ने उन दावों पर भी आपत्ति जताई है, जिनमें उत्पादों को शरीर और दिमाग को ऊर्जा देने वाला, एकाग्रता बढ़ाने वाला या ऊर्जा स्तर में वृद्धि करने वाला बताया जाता है। नियामक का मानना है कि खाद्य उत्पादों के लिए इस प्रकार के चिकित्सकीय या कार्यात्मक दावे नियमों के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे दावे उपभोक्ताओं को प्रभावित कर सकते हैं और उत्पाद की वास्तविक प्रकृति को लेकर गलत धारणा बना सकते हैं। शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में एनर्जी ड्रिंक बाजार तेजी से बढ़ा है और युवाओं के बीच इनकी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में उत्पादों की ब्रांडिंग और विज्ञापन पर निगरानी रखना जरूरी हो गया है ताकि उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी मिल सके। पिछले कुछ महीनों से FSSAI खाद्य उत्पादों की गलत ब्रांडिंग, भ्रामक विज्ञापनों और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। कई मामलों में उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य और पेय उत्पादों की जानकारी पूरी तरह तथ्यात्मक और नियमों के अनुरूप हो। FSSAI की जागरूकता मुहिम उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए FSSAI सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का भी उपयोग कर रहा है। संस्था समय-समय पर अपनी कार्रवाइयों और नियमों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करती है ताकि लोग खाद्य सुरक्षा और उत्पादों के दावों को लेकर अधिक सतर्क रह सकें। फिलहाल सभी की नजर संबंधित कंपनियों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो इन ब्रांड्स को अपनी ब्रांडिंग, लेबलिंग और प्रचार रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। ये भी पढ़ें: UP में BJP का ‘मिशन माइक्रो’, नितिन नवीन के दौरे से क्या बदलने वाला है चुनावी समीकरण?